Home » Amazing facts » विश्व धरोहर दिवस 2021 || World Heritage Day in Hindi
world heritage day

विश्व धरोहर दिवस 2021 || World Heritage Day in Hindi

कहते हैं आनेवाला भविष्य, बीते हुए इतिहास की नींव पर खड़ी होती है। अतः इतिहास में मिले कला, संस्कृति, स्मारक या धरोहर को हमें संजो कर रखना चाहिए। इस आर्टिकल में हम निम्न बिंदुओं पर प्रकाश डालेंगे :

  1. World Heritage Day कब मनाया जाता है?
  2. विश्व धरोहर दिवस का इतिहास क्या है?
  3. यह दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?
  4. विश्व विरासत दिवस 2021 का थीम क्या है?
  5. UNESCO द्वारा घोषित भारत के 38 वैश्विक धरोहर कौन से हैं?

विश्व धरोहर दिवस कब मनाया जाता है? World Heritage Day meaning in hindi

18 अप्रैल को प्रत्येक वर्ष world heritage day मनाया जाता है। हिंदी में हम इसे विश्व विरासत दिवस भी कहते हैं। इसकी शरुआत 18 अप्रैल 1983 से हुई थी।

वर्ल्ड हेरिटेज डे का इतिहास क्या है?

इस दिन का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। इसे हम वर्षवार देखते हैं।

सन 1968 : स्टॉकहोम में एक अंतराष्ट्रीय संगठन ने विश्व प्रसिद्ध इमारतों और प्राकृतिक स्थलों की सूची बनाई। इन स्थलों के संरक्षण का प्रस्ताव एक सम्मलेन में पारित किया गया। इस प्रकार UNESCO World Heritage Centre अस्तित्व में आया।

18 अप्रैल 1978 : विश्वभर के 12 ऐतिहासिक स्मारकों को इस सूची में शामिल किया गया।

सन 1982 : टुनिसिआ (Tunisia) देश में अंतर्राष्ट्रीय स्मारक एवं साइट परिषद् ( International Council of Monuments and Sites ) ने, इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव यूनेस्को के समक्ष रखा था। 1983 में UNESCO ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।

इसी वर्ष 1983 से ही, 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विश्व विरासत दिवस मनाने का उद्देश्य एवं महत्व क्या है?

उद्देश्य:

मानव इतिहास कई सकारात्मक एवं नकारात्मक घटनाओं का गवाह रहा है। कई युद्ध हुए। तो कला, संस्कृति एवं आर्किटेक्चर का भी विकास हुआ। ये हमारे अमूल्य धरोहर हैं। जो समय के साथ ध्वस्त होते जा रहे हैं। इनको संरक्षित करना ही इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है।

महत्व:

आज पर्यटन की वजह से लोग इन विश्व धरोहरों के बारे में जान रहे हैं। अतः इनका अवलोकन करना ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी इस दिवस का महत्व है।

हम्पी, कर्णाटक : 1986 में विश्व धरोहर में शामिल

UNESCO द्वारा घोषित भारत के विश्व धरोहर कौन से हैं?

यूनेस्को ने भारत के कुल 38 स्थलों को विश्व धरोहर में शामिल किये हैं। इन्हें 3 केटेगरी में विभाजित किये गए हैं।

  1. सांस्कृतिक धरोहर- 30 स्थल
  2. प्राकृतिक धरोहर – 7 स्थल
  3. मिश्रित धरोहर – 1 स्थल

उत्तर प्रदेश- 1. आगरा का किला 1983 2. फतेहपुर सिकरी 1986 3. ताज महल 1983

महाराष्ट्र: 4. अजंता की गुफाएं 1983 5. एल्लोरा की गुफाएं 1983 6. एलीफैंटा की गुफाएं 1987 7. छत्रपति शिवजी टर्मिनस ( विक्टोरिया टर्मिनस) 2004 8. विक्टोरिया गोथिक एंड आर्ट मुंबई 2018 9. वेस्टर्न घाट्स (प्राकृतिक) 2012

बिहार: 10. नालंदा एवं महावीर 2016 11. महाबोधि मंदिर 2002

मध्य- प्रदेश: 12. साँची के बौद्ध मंदिर 1989 13. खजुराहो 1986 14. भीमबेटका 2003

गुजरात: 15. चम्पानेर पावागढ़ आर्कियोलॉजिकल पार्क 2004 16. अहमदबाद का ऐतिहासिक शहर 2017 17. रानी की वाव, पाटन 2014

गोवा: 18. गोवा के चर्च और कान्वेंट 1986 19. चोला के मंदिर 1987

तमिलनाडु: 20. महाबलीपुरम 1984 21. माउंटेन रेलवे ऑफ़ इंडिया 1999, 2005, 2008

कर्णाटक: 22. हम्पी 1986 23. पट्टडकल 1987

राजस्थान: 24. राजस्थान के किले 2013 25. जयपुर शहर 2019 26. जंतर- मंतर जयपुर 2010

दिल्ली: 27. हुमायूँ का मक़बरा 1993 28. क़ुतुब मीनार 1993 29. लाल क़िला 2007

पश्चिम बंगाल: 30. सुंदरबन 31. माउंटेन रेलवे 1999, 2005, 2008

हिमाचल प्रदेश: 32. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कंज़र्वेशन एरिया 2014

ओडिशा: 33. कोणार्क सूर्य मंदिर 1984

असम: 34. काज़ीरंगा नेशनल पार्क 1985 35. मानस वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी 1985

उत्तराखण्ड : 36. नंदा देवी एंड वैली ऑफ़ फ्लावर्स नेशनल पार्क 1988, 2005

केरल: 37. वेस्टर्न घाट्स 2012

सिक्किम: 38. कंचनजंगा नेशनल पार्क 2016

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है? इसका महत्व क्या है?

World Heritage Day 2021 theme

Complex past; Diverse future. ये है थीम वर्ल्ड हेरिटेज डे 2021 का।

उपसंहार:

तो दोस्तों! इस आर्टिकल में हमने जाना वर्ल्ड हेरिटेज डे कब और क्यों मनाया जाता है हिंदी में? विश्व धरोहर दिवस का इतिहास, उद्देश्य और महत्व क्या है?

Leave a Comment

Your email address will not be published.