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प्राकृतिक आपदाओं में हमारा रक्षक: एनडीआरएफ़ (NDRF)

आज मानव विकास की नई नई ऊंचाइयां छू रहा है। हम प्रत्येक वर्ष कई तरह के प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं। हम किसी भी प्रकार की आपदाएं जैसे तूफान, चक्रवात, भूकंप आदि का पूर्वानुमान लगा लेते हैं। और इससे सतर्क रहने और बचने के उपाय करते हैं।

बाढ़ तूफान चक्रवात भूकंप भूस्खलन आदि, प्राकृतिक आपदा हो या मानव निर्मित आपदा। किसी प्रकार के इमारत या फिर रेल दुर्घटनाएं। हैं ऐसे ही प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित आपदाओं में एनडीआरएफ के अधिकारी और जवान लोगों की जीवन रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

इस आर्टिकल में हम एनडीआरएफ क्या है, इसका फुल फॉर्म क्या है, इसकी स्थापना कब हुई, एनडीआरएफ अकादमी कहाँ है आदि सभी जानकारियाँ देंगे।

एनडीआरएफ़ क्या है NDRF in hindi

यह एक पैरामिलिट्री लाइन फोर्स है। एनडीआरएफ में हमारे देश के विभिन्न पैरामिलिट्री फोर्स से अधिकारियों एवं जवानों का चयन करके फोर्स का गठन किया गया है। इसमें कुल 12 बटालियन है। जिसमें बीएसएफ के तीन, सीआरपीएफ के दो, सीआईएसएफ के तीन, आइटीबीपी के दो, एसएसबी के दो बटालियन को शामिल किया गया है।

एनडीआरएफ़ का फुल फॉर्म NDRF full form in hindi

  • NDRF का फुल फॉर्म है- National Disaster Response Force
  • हिंदी में कहें तो- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल

एनडीआरएफ़ के कार्य

आपदा के समय एनडीआरएफ़ का मुख्य कार्य राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

जिस क्षेत्र में प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा होती है या आपदा के घटने की संभावना होती है। ऐसे ही क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करते हैं। और हताहतों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी करते हैं।

एनडीआरएफ़ की स्थापना

वर्ष 2006 में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत 6 बटालियन के साथ एनडीआरएफ की स्थापना की गई थी। इसका अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं। एनडीआरएफ का हेडक्वार्टर अंत्योदय भवन नई दिल्ली में स्थित है।

प्रत्येक वर्ष 18 जनवरी को एनडीआरएफ दिवस मनाया जाता है।

इस फोर्स में प्रत्येक बटालियन में 1149 सदस्य हैं। एनडीआरएफ में एक कई एक्सपर्ट्स शामिल किये गए हैं। जैसे इलेक्ट्रीशियन, डॉग स्क्वायड, इंजीनियर, टेक्नीशियन और पैरामेडिकल के एक्सपर्ट्स। इन्हे उच्च श्रेणी की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

एनडीआरएफ के महानिदेशक कौन हैं

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक एक आईपीएस अधिकारी होते हैं। अभी श्री एस. एन. प्रधान आईपीएस, महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

एनडीआरएफ एकेडमी कहां स्थित है

एनडीआरएफ एकेडमी की स्थापना नागपुर में 2018 में राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा कॉलेज में विलय के साथ गई थी। इसका मुख्य परिसर निर्माणाधीन है। नागपुर में कोराड़ी टेंपल के नजदीक 400 करोड़ रुपए की लागत से एनडीआरएफ एकेडमी का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में एक प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण ब्लॉक और आवासीय बिल्डिंग बनाया जा रहा है।

एनडीआरएफ के बटालियन कहां कहां हैं

01 बटालियन – गुवाहाटी, असम – BSF

02 बटालियन – कोलकाता, पश्चिम बंगाल – BSF

03 बटालियन – मंडली, उड़ीसा – CISF

04 बटालियन – अराकोनम, तमिल नाडु – CISF

05 बटालियन – पुणे, महाराष्ट्र – CISF

06 बटालियन – गांधीनगर, गुजरात – CRPF

07 बटालियन – गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश – ITBP

08 बटालियन – भटिंडा, पंजाब – ITBP

09 बटालियन – पटना, बिहार – BSF

10 बटालियन – विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश – CRPF

11 बटालियन – वाराणसी, उत्तर प्रदेश – SSB

12 बटालियन – इटानगर, अरुणाचल प्रदेश – SSB

आप एनडीआरएफ़ कैसे ज्वाइन कर सकते हैं

यदि आप एनडीआरएफ ज्वाइन करने को इच्छुक हैं तो इंटरमीडिएट या बारहवीं के बाद कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होगी। यह परीक्षा सेंट्रल फ़ोर्स के लिए होती है। जिस परमिलिटरी में आपका चयन होता है, वहां 3 से 5 वर्ष का सेवा देना होगा। इसके बाद आप एनडीआरएफ के लिए आवेदन करना होगा।

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अगर आप सफल हो जाते हैं तो तीन साल के डेप्युटेशन के लिए आपको एनडीआरएफ में भेजा जाता है। कार्यकाल पूरा होने पर आपको अपने बटालियन में सेवा देने के लिए वापस जाना होता है।

हमने देखा एनडीआरएफ किस प्रकार आपदाओं में हमारे देश के नागरिकों की सेवा जांबाजी से करते हैं। हमें लगता है हमने एनडीआरएफ की जो अहम् जानकारी आपके लिए लाया वह अच्छी लगी।

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